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हिन्दी साहित्य से प्रश्नोंत्तर

🙏🎯 हिन्दी साहित्य से- "By -RHH"🎯🙏  🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 1- दाँत में फँसी कुर्सी (1996 ईं)- गोपाल चतुर्वेदी कृत निबंध है। 2- यमलोक की यात्रा- राधाचरण गोस्वामी कृत- *स्वप्न शैली* लिखा गया *निबंध* है। 3- बालकृष्ण भट्ट का प्रथम निबंध *कलिराज की सभा* है जो *कविवचन सुधा* में प्रकाशित हुआ था। 4- *डाॅ• शिवदान सिंह चौहान* ने  "भारतेन्दु" को 'हिन्दी का प्रथम निबंधकार माना है। 5- डाॅ• श्रीकृष्णलाल ने *बालकृष्ण भट्ट* को "हिन्दी का प्रथम निबंधकार" माना है। 6- "यदि गद्य कवियों की कसौटी है तो निबंध गद्य की कसौटी है। भाषा की पूर्ण शक्ति का विकास निबंधों में ही सबसे अधिक संभव होता है।"- निबंध के संदर्भ में,  यह कथन *आ• रामचंद्र शुक्ल का* है। 7- हिन्दी का स्टील- बालकृष्ण भट्ट को। माॅन्टेन- बालमुकुन्द गुप्त को। 8- भारतेन्दु युग के निबंधों में *हास्य-व्यंग्य की प्रधानता* रहतीं हैं। 9- भारतेन्दु युग के निबंधों में *हास्य-व्यंग्य की प्रधानता* रहतीं हैं। 10- आ• शुक्ल ने *महावीर प्रसाद द्विवेदी* के निबंधों को *बातों क...

हिन्दी साहित्य से

       🙏🎯 हिन्दी साहित्य से- By - RHH 🎯🙏 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 1- मानव मूल्य और साहित्य- (मूलतः आलोचना)- *धर्मवीर भारती* कृत। 2- *साहित्यानुशीन* - *शिवदान सिंह चौहान* कृत आलोचनात्मक रचना है। 3- *आ• नंददुलारे वाजपेयी जी* के अनुसार *प्रसाद*, *निराला* और *पंत* के काव्य में क्रमशः *मानवीय भूमि* , *बुद्धीतत्त्व* और *कल्पना* की प्रधानता है। 4- 1931 ईं में *आ• नंददुलारे वाजपेयी* ने *पंत, प्रसाद और निराला* पर पृथक-पृथक निबंध लिखकर *छायावाद की वृहद्त्रयी की घोषणा* की। 5- *बिहारी की वाग्विभूति*:- *पं• विश्वनाथ प्रसाद मिश्र* कृत आलोचनात्मक रचना है ( अन्य है:- हिन्दी का सामयिक साहित्य, वाङ्मय विमर्श आदि) । 6- आ• रामचंद्र शुक्ल ने *क्रोञ्चे के अभिव्यंजनावाद* को *कुंतक के वक्रोक्तिवाद* का विलायती उत्थान घोषित किया। 7- रस मीमांसा, काव्य में रहस्यवाद :- *आ• रामचंद्र शुक्ल* की आलोचनात्मक कृतियाँ हैं। 8- - आलोचनादर्श- *रमाशंकर शुक्ल 'रसाल'* कृत आलोचनात्मक रचना है। 9- *जायसी* को हिन्दी का प्रथम विधिवत कवि कहा (माना) है- विजयदेव नारायण साह...

रीतिकाल भाग- 10 || जसवंत सिंह || रीतिकालीन आचार्य || जसवंत सिंह की रचना ...

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आपके लिए || हिन्दी साहित्य से सम्बंधित सूचना || आपसे निवेदन

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कवि भूषण || रीतिकाल के राष्ट्रीय कवि || भूषण की रचनाएँ

                🙏🎯कवि भूषण 🎯🙏                    🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏                   🙏🙏कवि भूषण:-🙏🙏 👉जन्म:- सं• 1670 से सं• 1772 (शुक्ल जी के अनुसार)     *** सामान्य स्थिति में:- 1613 ईं• से 1715 ईं• तक । 👉 जन्म स्थान :- तिकवांपुर, कानपुर, उत्तरप्रदेश में। 🙏🤔 भूषण का वास्तविक नाम:- घनश्याम ( आ• विश्वनाथ प्रसाद मिश्र के अनुसार) 🙏🤔 पिता जी का नाम:- रत्नाकर त्रिपाठी। 👉 भूषण ब्रजभाषा के कवि मानें जाते है । 👉 भूषण रीतिकाल के राष्ट्रकवि माने जाते है। 🤔 चित्रकूट के राजा रूद्रसाल सिंह सौलंकी यानि राजा रूद्र ने इन्हें (घनश्याम को)  -" कवि भूषण" की उपाधि दी या "कवि भूषण " की उपाधि से सम्मानित किया । 🤔👉 आश्रयदाता:- अनेक थे। *** कवि भूषण का मन शिवाजी व छत्रसाल सिंह के आश्रय में अधिक रमा। *** ऐसा प्रसिद्ध है कि इन्हें (भूषण ) के एक-एक छंद पर शिवाजी से लाखों रूपये मिले थे।( आ• शुक्ल के इ...

हिन्दी साहित्य की प्रश्नोत्तरी 35

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हिन्दी साहित्य के प्रश्नोत्तर

🙏🎯 एक प्रश्न:- ???🎯🙏 🙏🎯शिवसिंह सेंगर व जाॅर्ज ग्रियर्सन ने,    जिनको हिन्दी का प्रथम कवि माना है, उनके अन्य नाम क्या-क्या है? अ- अपभ्रंश का कालिदास / अपभ्रंश का व्यास ब- काव्य रत्नाकर  स- कवि कुलतिलक द- अभिमान मेरू  A- अ B- ब C- ब, स, द D- अ, ब, स, द उत्तर- ????? 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏          🙏🎯पुष्पदन्त🎯 🙏 समय- 10  वीं सदी । 👍👉 शिवसिंह सेंगर  व जाॅर्ज ग्रियर्सन ने हिन्दी का प्रथम कवि माना है। 👍👉पुष्पदन्त को अपनी काव्य प्रतिभा पर इतना अभिमान था कि वह स्वयं को " अभिमान मेरू " कहा करते थे। 👍👉इन्होंने स्वयं को 'काव्य रत्नाकर' व ' कवि कुलतिलक ' की उपाधि दी । 👍👉पुष्पदन्त को ' अपभ्रंश का व्यास और अपभ्रंश का भवभूति ' भी कहा जाता है। 👉पुष्पदन्त की तीन रचनाएँ प्रसिद्ध हैं:- 1- त्रिषष्ठि महापुराण गुणालंकार या महापुराण इसे आदिपुराण व उत्तर पुराण भी कहा जाता है।    *** महापुराण में 63 शलाका पुरुषों का जीवन वर्णित है। 2- णयकुमार चरिउ 3- जसहर चरिउ 👉पुष्पदन्त 'स्वभाव से अक्...